छत्तीसगढ़

भारत की समृद्ध विरासत ही हमारी ताकत – राज्यपाल डेका….

रायपुर: भारत की समृद्ध विरासत हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोकभवन में आज 5 राज्यों के स्थापना दिवस समारोह पर उक्त विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने असम, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उत्तरप्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यह पहल केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान नहीं, बल्कि भावनात्मक एकीकरण का माध्यम है।

केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।

भारत की समृद्ध विरासत ही हमारी ताकत - राज्यपाल श्री डेका

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि असम भारत के उत्तर-पूर्व में स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। असम टी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली चायों में से एक है। असम में स्थित काजीरंगा नेशलन पार्क में दुनिया के लगभग दो-तिहाई एक-सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं। असम का प्रसिद्ध बिहू त्यौहार हैं। गुवाहाटी में स्थित कामाख्या मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है।

राज्यपाल ने कहा कि मणिपुर शाब्दिक अर्थाे में आभूषणों की भूमि है। यहां के लोग संगीत तथा कला में बड़े प्रवीण होने के साथ-साथ सृजनशील होते हैं, जो उनकी हथकरघा, दस्तकारी के उत्पादो में झलकती है। मणिपुर देश का आर्किड टोकरी है।

श्री डेका ने कहा कि मेघालय एक प्रसिद्ध पर्यटन राज्य है। जहां की मुख्य जनजातियां मातृवंशीय प्रणाली का अनुसरण करती है। मेघालय को बादलों का घर कहा जाता है।

भारत की समृद्ध विरासत ही हमारी ताकत - राज्यपाल श्री डेका

राज्यपाल ने कहा कि हमारे पूर्वाेत्तर राज्य त्रिपुरा का उल्लेख महाभारत, पुराणों तथा अशोक के शिलालेख में मिलता है। इस राज्य की अपनी अनोखी जनजातीय संस्कृति तथा दिलचस्प लोकगाथाएं है। देवी त्रिपुरा सुंदरी का प्रसिद्ध शक्ति पीठ भक्तों की आस्था का केंद्र है।

श्री डेका ने कहा कि उत्तरप्रदेश, भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। यह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया और बौद्ध धर्म की नींव रखी। विश्व के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक ताजमहल भी यहीं पर है। प्रयागराज में महाकुंभ होता है।

राज्यपाल ने सभी राज्यों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता ही हमें आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित करती है। उन्होंने लोगों से कहा कि जीवन मे एक काम ऐसा करें जिसमें ट्रांजेक्शन नहीं हो केवल ट्रांसफार्मेशन हो।

समारोह में कानपुर के सांसद श्री रमेश अवस्थी ने भी अपने विचार व्यक्त किए 

समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

News Desk

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